पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शिक्षा विभाग के कर्मचारियों के लिए एक बड़ी घोषणा की है। राज्य सरकार ने मध्याह्न भोजन में काम करने वाले रसोइयों, शारीरिक शिक्षा के अध्यापकों और रात्रि प्रहरियों के वेतन में दोगुनी बढ़ोतरी का फैसला किया है।
रसोइयों का वेतन दोगुना
मध्याह्न भोजन योजना में काम करने वाले रसोइयों का मासिक मानदेय अब 1650 रुपये से बढ़ाकर 3300 रुपये कर दिया गया है। यह 100 प्रतिशत की बढ़ोतरी है जो सितंबर महीने से लागू होगी।
PT टीचर्स को भी फायदा
शारीरिक शिक्षा अनुदेशकों को अब 16000 रुपये मासिक मानदेय मिलेगा।
इसके अलावा उनकी वार्षिक वेतन वृद्धि भी 200 रुपये से बढ़ाकर 400 रुपये कर दी गई है।
आशा कार्यकर्ता को भी लाभ
आशा कार्यकर्ता और आशा फैसिलीटेटर को अब 3000 रुपये मासिक पारितोषिक मिलेगा।
यह भी एक बड़ी राहत है इन महिला कार्यकर्ताओं के लिए।
कब से मिलेगा फायदा
यह सभी बदलाव सितंबर 2025 से प्रभावी होंगे। राज्य सरकार ने कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
इससे हजारों शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को फायदा होगा।
राजनीतिक संदेश
यह फैसला आगामी चुनावों को देखते हुए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शिक्षा क्षेत्र के कर्मचारी बिहार में एक बड़ा वोट बैंक हैं और इस घोषणा से उन्हें बड़ी राहत मिली है।
आर्थिक प्रभाव
इस वेतन वृद्धि से राज्य के शिक्षा बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा लेकिन सरकार ने कहा है कि शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर बनाने के लिए यह जरूरी है।
बेहतर मानदेय से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और काम में सुधार होगा।






