बिहार में शिक्षा और ऊर्जा क्षेत्र में बदलाव: डिजिटल लाइब्रेरी से पावर प्लांट तक

पटना: बिहार सरकार ने शिक्षा और ऊर्जा दोनों क्षेत्रों में बड़े सुधारों का ऐलान किया है। इसका मकसद है—राज्य को आधुनिक बनाना और हर नागरिक तक सुविधा पहुंचाना।

सबसे पहले, शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल लाइब्रेरी की शुरुआत की जाएगी। राज्य के हर विधानसभा क्षेत्र में डिजिटल पुस्तकालय स्थापित किए जाएंगे। इन लाइब्रेरीज में छात्रों और शोधकर्ताओं को मुफ्त में ई-बुक, ऑनलाइन रिसोर्स और इंटरनेट सुविधा मिलेगी। इसका कुल बजट लगभग ₹94.5 करोड़ है।
इस से ग्रामीण और दूर दराज के क्षेत्र भी डिजिटल शिक्षा से जुड़े सकेंगे, जिससे पढ़ाई आसान और मज़बूत होगी।

ऊर्जा क्षेत्र में बड़ी योजना— बिहार ने 2,400 MW का थर्मल पावर प्लांट मंजूर किया है। यह परियोजना आने वाले वर्षों में बिजली की मांग को पूरा करेगी और राज्य की ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाएगी। खास बात यह है कि इसके लिए $3 अरब का निवेश होने वाला है। इससे बिजली की उपलब्धता बेहतर होगी और आर्थिक गतिविधियों को भी बल मिलेगा।

इन दो पहलों से स्पष्ट हो जाता है कि बिहार सरकार शिक्षा और ऊर्जा दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ रही है। डिजिटल लाइब्रेरी से ज्ञान के दरवाजे खोलेंगे तो थर्मल पावर प्लांट से ऊर्जा की रोशनी जलाएंगे।